अगर आप या आपके परिचित में कोई इस तरह के भावनात्मक उथल-पुथल से गुजर रहा है, तो सबसे अच्छा तरीका है एक योग्य मनोवैज्ञानिक से संपर्क करना। परिवार के भीतर स्वस्थ संवाद और शारीरिक तथा भावनात्मक सीमाओं का निर्धारण (Boundaries) इस तरह की विसंगतियों को रोकने में मदद करता है। एक सभ्य समाज के निर्माण के लिए यह ज़रूरी है कि हम माँ जैसे पवित्र रिश्ते को सम्मान दें और उसे किसी भी तरह के विकृत नज़रिए से देखने से बचें।
बेटा अपनी माँ की रक्षा और देखभाल को अपना परम कर्तव्य मानता है।