अब यात्री (चारों दिशाओं में मुख वाला अद्भुत मंदिर) के पास पहुँचता है। यहाँ चौथी चैत्यवंदन का विधान है।
2. शांतिनाथ भगवान चैत्यवंदन (दूसरा पड़ाव) palitana 5 chaityavandan in hindi full
"अदीश्वर जिनरायनो, गणधर गुणवंत; प्रगट नाम पुंडरीक जास, महिमाए महंत।" प्रगट नाम पुंडरीक जास
सभी स्तुतियों का शुद्ध उच्चारण करें, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो। palitana 5 chaityavandan in hindi full